टॉकिंग एसएमएस : मोबाइल क्रांति का नया दौर

 एसएमएस करने में बटन दबाना जिनको झंझट लगता है, उनके लिए एक ‘आरामदायक’ खबर। अब टॉकिंग एसएमएस शुरू हो चुका है। सीडीएमए (कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस) और जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबिलिटी) ऑपरेटरों ने इसी माह से इसे शुरू कर दिया है। इससे मोबाइल क्रांति का नया दौर शुरू हो चुका है।

इसमें एसएमएस करने वाले को अपनी आवाज रेकॉर्ड करना होगी और उसे फॉरवर्ड करना होगा। ठीक साधारण लिखित मैसेज की तरह फॉरवर्ड हो जाएगी और उसे ग्रहण करने वाला अपनी सुविधा के मुताबिक उसे सुन सकेगा। यह सेवा वॉइस मेल की तरह कार्य करेगी और उससे कुछ एडवांस होगी। परंतु यह वॉइस मेल की तरह लंबा नहीं होगा।

आवाज वाला एसएमएस 20 से 30 सेकंड के बीच होगा और इसे एसएमएस ही माना जाएगा। यानी बिल चार्ज करते हुए पैसा एसएमएस के नाम से ही कटेगा। दिलचस्प बात यह है कि इसमें खर्च भी उतना ही होगा, जितना अभी लिखित एसएमएस में होता है। जो कंपनी यह सेवा दे रही है, उसकी दर 1 रु. प्रति एसएमएस है।

पिछले साल जीएसएम सेवा प्रदाता एक कंपनी ने इसे शुरू किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। रिलायंस, भारती एयरटेल के बाद एमटीएनएल ने भी इसे शुरू किया है। इसके लिए कुछ कंपनियाँ सॉफ्टवेयर बना रही हैं।

~ by manatala on जुलै 18, 2007.

One Response to “टॉकिंग एसएमएस : मोबाइल क्रांति का नया दौर”

  1. असल में एसएमएस से केवल उन्हें ही असुविधा होती है जो पढ़ना और मिटाना नहीं जानते। जब उन्हें यह आ जाएगा तो फ़िर उन्हें लगेगा कि यह तो एक अनचाहे पोस्ट कार्ड की अपेक्षा अच्छा है। कितने अच्छे ऑफ़र मिलते हैं व कितना सकून मिलता है किसी से एसएमएस पाकर। हॉ यह जरूर है कि अनचाहा फ़ोन काल जरूर परेशान कर सकता है क्योंकि सामने वाले को जवाब देना जरूरी हो जाता है और तुरंत फ़ोन रिसीव करना भी जरूरी लगता है। जबकिस एसएमएस में ऐसा नहीं है वह तो लेटर बॉक्स की तरह के इनबॉक्स में आकर पड़ा रहता है व सुविधा अनुसार रीड किया जा सकता है। असल में अनचाहे काल व एसएमएस में अत्यधिक अंतर होता है। इन दोनो के लिये यानी एसएमएस और काल के लिये अलग अलग माफ़द्ण्ड होने चाहिये। अनचाहे होने पर भी। डू नॉट काल रजिस्ट्री भी दोनो के लिये अलग अलग होना चाहिये। – धनराज वाधवानी, राजवाड़ा , इन्दौर म.प्र.

    धनराज वाधवानी, राजवाड़ा, इन्दौर म.प्र.
    dwdw@rediffmail.com
    nandlalstores.com

तुमचा अभिप्राय नोंदवा